जब दुबई में फंसे 400 भारतीयों के लिए भगवान बने नागौर मूल के प्रवासी कारोबारी धीरज जैन
जयपुर । ईरान-इजरायल युद्ध के बीच यूएई पर हमले हुए, तब दुबई में अचानक हालात बदल गए। एयरस्पेस बंद होने से बड़ी संख्या में भारतीय दुबई में फंस गए। होटल खाली कर चुके लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने और खाने की थी। इस संकट के समय राजस्थान के मेड़ता सिटी (नागौर) मूल के प्रवासी व्यापारी धीरज जैन ने आगे आकर करीब 400 लोगों के लिए रहने, खाने और सुरक्षित माहौल की व्यवस्था की। यह व्यवस्था 16 दिनों तक जारी रखी। जैन रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी (यूएई) के चेयरमैन हैं और दुबई में पिछले 11 सालों से रह रहे हैं। जयपुर पहुंचे जैन ने बताया कि मुझे लोगों के कॉल आए कि चार्टर प्लेन से निकल जाते हैं, मैंने फैसला किया कि हमारे लोग यहां फंसे हुए हैं, पहले उनकी मदद करे। मेरी पत्नी और बच्चों ने भी पूरा साथ दिया। 28 फरवरी दोपहर को दुबई में पहली बार अटैक हुआ। मोबाइल पर अलर्ट आने लगे और कुछ ही देर में पैनिक सिचुएशन बन गई। फ्लाइट्स रद्द हो गईं, कई यात्री घंटों विमान में बैठे रहे और बाद में उन्हें उतार दिया गया। होटल पहले ही खाली कर चुके लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि अब जाएं, तब कहां जाएं।
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