भजन लाल कैबिनेट में बाबा बालकनाथ को भी जगह नहीं मिली

जयपुर । भजन लाल सरकार में 22 विधायक मंत्री बने हैं। मंत्रिमंडल में बीजेपी ने सभी जातियों को साधने की कोशिश की है। हालांकि सरकार में चुनाव से पहले और बाद में सीएम पद की दौड़ में बताए जा रहे बाबा बालकनाथ को जगह नहीं मिली है। वे अकेले ही भगवाधारी नहीं हैं जिन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मुस्लिम बहुल 3 सीटों पर पार्टी के भगवाधारियों को उतारा था। बीजेपी ने तिजारा से महंत बालकनाथ, पोकरण से महंत प्रतापपुरी और हवामहल से बालमुकंद आर्चाय को प्रत्याशी बनाया था। तीनों चुनाव जीत कर आए तो इनके मंत्री बनने की उम्मीद बढ़ी गई थी क्योंकि तीनों ने मुस्लिम बहुल सीटों पर भगवा झंडा फहरा दिया था। हालांकि भजन लाल कैबिनेट में तीनों बाबाओं को जगह नहीं मिली।
राजस्थान में बाबाओं, महंतों को मंत्री न बनाए जाने का चलन रहा है। फिर चाहे सरकार अशोक गहलोत की रही हो या वसुंधरा राजे की। अबतक राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार बनी हो कोई भी चर्चित बाबा या महंत मंत्री नहीं बना है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक कारण यह है कि बाबाओं को धार्मिक मुद्दों पर बयान देने के लिए जाना जाता है। इससे सरकार की छवि खराब हो सकती है। दूसरा कारण यह है कि बाबाओं को राजनीतिक अनुभव कम होता है। इससे सरकार का कामकाज प्रभावित हो सकता है। भजनलाल सरकार में 12 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में 5 विधायक मंत्री बने हैं जबकि राज्यमंत्री के रूप में 5 विधायकों ने शपथ ली थी।