काशी विश्वनाथ मंदिर में 26 फरवरी को नहीं होगा शृंगार भोग और शयन आरती
देशभर में मौजूद 12 ज्योतिर्लिंगों में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. हर जगह विशेष पूजा-आरती का आयोजन किया जाता है, जिन्हें देखने व बाबा के दर्शन के सुबह से रात तक श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहता है.
इसके साथ ही बता दें कि उत्तर प्रदेश के बनारस में मौजूद काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग में भी महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ की चार प्रहर की विशेष आरती की जाएगी. लेकिन प्रतिदिन होने वाली सप्त ऋषि, श्रृंगार भोग और शयन आरती का आयोजन नहीं किया जाएगा.
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.shrikashivishwanath.org/ पर इस बात की जानकारी दी गई है. वेबसाइट के अनुसार, 26 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन सप्त ऋषि, श्रृंगार भोग और शयन आरती नहीं की जाएगी. वहीं महाशिवरात्रि के दिन होने वाली आरती पूजा के नये शिड्यूल की जानकारी देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बताया कि परंपरा के मुताबिक महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ धाम में चार प्रहर की आरती होती रही है.
महाशिवरात्रि के दिन मंगला आरती का समय
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन पूजा शिड्यूल की चर्चा करते हुए बताया कि बाबा की मंगला आरती सुबह 2:15 बजे शुरू होगी और करीब 3 बजकर 15 मिनट पर संपन्न होगी और और फिर 3 बजकर 30 मिनट पर श्राद्धालुओं के दर्शन के लिए पट खोल दिये जाएंगे.
रात्रि में इस समय से शुरु होगी चार प्रहर की आरती
इसके बाद सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर मध्याहन भोग आरती का आयोजन किया जाएगा. यह आरती 12 बजकर 20 मिनट तक संपन्न होगी. इसी क्रम में उन्होंने चारों प्रहर की आरती का भी शिड्यूल बताया. कहा कि रात्रि में 11 बजे से लेकर अगले दिन प्रातः 6.30 बजे तक चार पहर की आरती आयोजित की जाएगी. आगे उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि की रात्रि में मंदिर के कपाट बंद नहीं किये जाएंगे. अतः दर्शनार्थियों को दर्शन का मौका दिया जाएगा.
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