प्रदेश प्रवक्ता के प्रति इतनी उदासीनता क्यों? प्रदेश अध्यक्ष जी इंदौर आए और श्रद्धांजलि देने भी नहीं आए
इंदौर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा अंतिम संस्कार आज इंदौर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम में किया गया। दो दिन पहले हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। मुक्तिधाम में इंदौर शहर के भाजपा और कांग्रेस के अधिकांश नेता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव भी ओंकारेश्वर के कार्यक्रम से लौटकर सलूजा के घर पहुंचे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को एक बात खल रही है वह है प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की बेरूखी।
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा गुरुवार देर रात सीएम के साथ इंदौर आए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वे प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा को श्रद्धांजलि देने जरूर जाएंगे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष शर्मा रात में ही उज्जैन निकल लिए। उज्जैन में उन्होंने महाकाल मंदिर में दर्शन भी किया और एक कार्यक्रम में शामिल भी हुए। वीडी शर्मा का सलूजा के घर नहीं जाना, भाजपा में चर्चा का विषय बना हुआ है।
रीजनल पार्क मुक्तिधाम में भाजपा नेताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा होती रही। जितनी मुंह, उतनी बातें। कांग्रेस नेता भी कह रहे थे कि भले ही सलूजा से प्रदेश अध्यक्ष की नहीं बनती होगी, लेकिन मरने के बाद तो लोग दुश्मन के घर भी चले जाते हैं। भाजपा के कुछ नेता बता रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष को आज भस्मारती में शामिल होना था। इसके बाद आज दोपहर ही भोपाल में एक आवश्यक बैठक में शामिल भाग लेना था।
यहां सवाल यह है कि सलूजा की मौत दो दिन पहले हुई थी। प्रदेश अध्यक्ष चाहते तो दो दिन में कभी भी इंदौर आकर सलूजा के घर जाने का प्लान बना सकते थे। संगठन के मुखिया होने के नाते भाजपा कार्यकर्ता इतनी उम्मीद तो रखते ही हैं। लेकिन, ऐसा होना तो दूर इंदौर में आकर भी उनके घर नहीं जाना, भाजपा के आम कार्यकर्ताओं की चिन्ता बढ़ा रहा है। आम कार्यकर्ता यह कह रहे हैं कि जब प्रदेश प्रवक्ता के पद पर रहे व्यक्ति की पूछ-परख नहीं तो उनकी क्या बिसात?
प्रदेश अध्यक्ष महोदय, भाजपा के कार्यकर्ताओं के सवालों के बारे में एक बार जरूर सोचिएगा। माना कि सलूजा कांग्रेस से भाजपा में आए थे। कमलनाथ के खास थे और शिवराजसिंह चौहान उन्हें भाजपा में लेकर आए थे, लेकिन थे तो वे आपकी ही पार्टी के कार्यकर्ता। कोई यह नहीं कह सकता कि सलूजा ने भाजपा में आने के बाद अपने कर्त्तव्य में कोई कमी की हो। हर दिन सलूजा भाजपा की तरफ से मोर्चा संभालते नजर आ रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष महोदय, आप यह भी नहीं कह सकते कि सलूजा ने आप से अदावत रखी। सलूजा के सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट हैं, जिसमें उन्होंने आपके बयानों और फैसलों का भी जिक्र किया है।
माफ कीजिएगा, प्रदेश अध्यक्ष महोदय आपने संगठन के मुखिया होने का कर्त्तव्य नहीं निभाया। भाजपा के आम कार्यकर्ता के मन में यही सवाल है। कभी समय मिले तो दिल टटोल लीजिएगा। दिल पर हाथ रखकर सोचिएगा कि आपने जो किया वह सही था और उससे भाजपा के साथ ही समाज में क्या मैसेज जाएगा।
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