डिजिटल गोल्ड का बढ़ता चलन, अब मोबाइल ऐप पर भी चमक रहा ‘सोना’
नई दिल्ली । भारत में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि भावनाओं का प्रतीक है। शादी-ब्याह से लेकर शुभ अवसरों तक, हर घर में कभी न कभी सोना खरीदा गया है। लेकिन अब वक्त बदल रहा है। पारंपरिक ज्वेलरी दुकानों की जगह अब मोबाइल ऐप्स ने ले ली है। पेटीएम, फोनपे और ग्रो जैसे प्लेटफॉर्म अब लोगों को सिर्फ 10 रुपए से 24 कैरेट सोने में निवेश की सुविधा दे रहे हैं। डिजिटल गोल्ड का अर्थ है ऐसा सोना जो ऑनलाइन खरीदा जाता है, लेकिन असल में सुरक्षित वॉल्ट में एमएमटीसी-पीएएमपी या सेफगोल्ड जैसी कंपनियों द्वारा रखा जाता है। यानी आपका सोना मौजूद रहता है, बस वह आपके घर की बजाय सुरक्षित लॉकर में होता है। इसे कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है, और रकम तुरंत बैंक खाते में आ जाती है। इसके मुकाबले फिजिकल गोल्ड अब भी भारतीयों की पहली पसंद है क्योंकि यह हाथ में होता है और जरूरत के समय तुरंत काम आता है। हालांकि, इसमें मेकिंग चार्ज, शुद्धता की जांच और चोरी का खतरा जैसी दिक्कतें भी हैं। वहीं, डिजिटल गोल्ड सुविधाजनक होने के बावजूद अभी तक आरबीआई या सेबी के रेगुलेशन के अंतर्गत नहीं आता और 2 लाख रुपए तक की सीमा रखता है। टैक्स के मामले में दोनों समान हैं, तीन साल के भीतर बेचने पर मुनाफा आपकी इनकम में जुड़ता है, जबकि तीन साल बाद 20 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। छोटे निवेशकों के लिए डिजिटल गोल्ड एक आसान और सुरक्षित विकल्प बन रहा है। लेकिन जो लोग सोना पहनने या घर में रखने की सोचते हैं, उनके लिए असली सोना ही बेहतर रहेगा। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सावरेन गोल्ड बांड भी टैक्स-फ्री और भरोसेमंद विकल्प हैं।
हर कदम पर मिल रही असफलता? अपनाएं ये 5 मंत्र, बदलेगी किस्मत
नौतपा कब से शुरू? 9 दिन बरसेगी आग, जानें बचने के उपाय
घर में मकड़ी के जाले? तुरंत हटाएं, वरना बिगड़ सकते हैं रिश्ते और धन
राशिफल 30 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा