नाटक वर्तमान परिवेश की समस्याओं पर प्रभावी : हिन्दी लेखिका संघ का नाट्य मंचन रहा सफल
भोपाल। हिन्दी लेखिका संघ, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित नाट्य कार्यशाला एवं नाट्य मंचन कार्यक्रम दुष्यंत संग्रहालय सभागार में अत्यंत सफल और प्रभावशाली रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री सरोज शर्मा (प्रोफेशनल कलाकार एवं कस्ट्यूम डिजाइनर, रंगमंडल भारत भवन, भोपाल) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नाट्य निर्देशक श्री अशोक बुलानी और विशिष्ट अतिथि नाट्य लेखिका एवं निर्देशक श्रीमती नीति श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। संस्था की अध्यक्ष डॉ. साधना गंगराड़े ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि – “हर व्यक्ति के भीतर एक कलाकार छिपा होता है, जिसे पहचानना, प्रोत्साहित करना और निखारना हमारा उद्देश्य है। हिन्दी लेखिका संघ की महिलाओं ने इस दिशा में सार्थक पहल की है।” बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के संदेश पर आधारित दो प्रभावशाली नाटकों का मंचन किया गया।•


“सेवा का आदर्श” – लेखन एवं निर्देशन डॉ. रंजना शर्मा •“जीवनधारा” – लेखन एवं निर्देशन डॉ. साधना शुक्ला दोनों नाटकों में हिन्दी लेखिका संघ की सदस्य महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अभिनय कर दर्शकों की सराहना अर्जित की। वरिष्ठ रंगकर्मी सुश्री सरोज शर्मा ने कहा कि “दोनों नाटक प्रभावशाली और संदेशात्मक थे, इनमें कविताओं का समावेश कर इन्हें और भी रोचक बनाया जा सकता है।” मुख्य अतिथि श्री अशोक बुलानी ने सुझाव दिया कि “संघ के प्रतिभाशाली सदस्य वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, परिवार में उत्पन्न हो रही समस्याओं और समाज में फैल रही विषमताओं को नाटकों के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि दर्शकों तक गहरा संदेश पहुँचे। ”विशिष्ट अतिथि श्रीमती नीति श्रीवास्तव ने कहा कि “मंच और दर्शकों के बीच संवाद ही नाटक की आत्मा है, और यह प्रयास उसी दिशा में सराहनीय कदम है।” कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसका भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण नविता जौहरी ने किया। तत्पश्चात कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेणु श्रीवास्तव ने प्रभावपूर्ण ढंग से किया, जबकि महिमा वर्मा ने आभार व्यक्त किया।
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