भूलकर भी न करें ऐसा हस्ताक्षर, धीरे-धीरे कर देगा कंगाल, पैतृक संपत्ति का हो जाएगा सर्वनाश!
सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी की दुनिया काफी रोचक और रहस्यमयी होती है. इसे आप ऐसे समक्ष सकते है कि हर व्यक्ति का हस्ताक्षर अलग होता है, उस व्यक्ति के हस्ताक्षर की बनावट, शब्दों के उपयोग, लाइन, डॉट्स आदि में कई शुभ और अशुभ संकेत छिपे होते हैं, जिससे वह व्यक्ति स्वयं भी अनजान रहता है. लेकिन सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी की मदद से उस व्यक्ति के भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है कि वह उन्नति करेगा या कंगाल होगा. आज सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी में हम बात करने वाले हैं, ऐसे हस्ताक्षर के बारे में, जो व्यक्ति को धीरे-धीरे कंगाल कर सकता है क्योंकि उसे लगातार धन हानि होती है. ऐसा हस्ताक्षर उसके पैतृक संपत्ति को बर्बाद कर देता है. आइए जानते हैं कंगाल करने वाले हस्ताक्षर के बारे में.
कंगाल करने वाला हस्ताक्षर
सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी विशेषज्ञ विवेक त्रिपाठी के अनुसार जो लोग अपने हस्ताक्षर में गौमूत्रीय रेखा बनाते हैं, उन लोगों का पतन धीरे-धीरे होता है, उनकी पैतृक संपत्ति का सर्वनाश हो जाता है. ऐसे लोगों को अपने पिता से जो भी संपत्ति प्राप्त होती है, वह खत्म हो जाती है. वह आदमी अपनी पूरी पैतृक संपत्ति को बेच देता है, कर्ज में डूब जाता है. वह व्यक्ति अपने पिता की विरासत को नष्ट कर देता है.
इतना ही नहीं, ऐसे हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति पैतृक संपत्ति का नाश तो करते ही हैं, वे अपनी अर्जित संपत्ति को भी खत्म कर देते हैं, उनका जीवन कंगाली में व्यतीत होता है. उनका बैंक बैलेंस खत्म हो जाता है. हस्ताक्षर में आने वाली गौमूत्रीय रेखा बहुत ही हानिकारक और अशुभ फलदायी होती है. यह माउंटेन वेव या सी वेव से बिल्कुल अलग होती है.
हस्ताक्षर में गौमूत्रीय रेखा
कंगाल करने वाले सिग्नेचर में गौमूत्रीय रेखा काफी लहरदार होती है. जब कोई व्यक्ति अपना हस्ताक्षर करता है तो वह प्रारंभ या अंत वाले अक्षर से जोड़कर एक लहरदार रेखा बनाता है. यह लहरदार रेखा ही गौमूत्रीय रेखा कहलाती है. हालांकि गौमूत्रीय रेखा और माउंटेन वेव या सी वेव में अंतर करना काफी जटिल होता है, आम व्यक्ति के समझ से परे है. सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी के विशेषज्ञ ही उसे पहचान कर सही से विश्लेषण करते हैं.
हस्ताक्षर में माउंटेन वेव और सी वेव से लोगों को काफी लाभ होता है, लेकिन गौमूत्रीय रेखा हानि के सिवाय कुछ नहीं देती है. गौमूत्रीय रेखा व्यक्ति को पतन की ओर लेकर जाती है. गौमूत्रीय रेखा की लहरें आपके जीवन में उथल-पुथल मचा देती हैं. लोग गौमूत्रीय रेखा हस्ताक्षर के पहले अक्षर, अंतिम अक्षर, हस्ताक्षर के नीचे या ऊपर बनाते हैं. कई बार गौमूत्रीय रेखा हस्ताक्षर के बीच में ही बन जाती है.
एम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र से कहा- 'गर्भपात के पुराने नियमों में अब बदलाव की जरूरत'
Sudha Chandran ने Premanand Maharaj से की मुलाकात
Priyanka Chopra को शुरुआत में रैंप वॉक नहीं आती थी, हुई थीं शर्मिंदा
Neetu Kapoor ने Rishi Kapoor की पुण्यतिथि पर दी भावुक श्रद्धांजलि
भीषण गर्मी का अलर्ट: मुख्यमंत्री ने जनता से की अपील- 'लू से बचने के लिए बरतें सावधानी, बहुत जरूरी होने पर ही निकलें बाहर'