सरप्राइज गिफ्ट बना जाल, फीस लेते ही गायब हो रहे ठग
जबलपुर: गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही शहर में डिजिटल अपराधियों का एक नया चेहरा सामने आया है। बच्चों के लिए ऑनलाइन कोडिंग, स्किल डेवलपमेंट और समर कैंप के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो गया है। ये जालसाज लुभावने विज्ञापनों और हूबहू असली दिखने वाली वेबसाइटों के जरिए अभिभावकों को निशाना बनाकर उनकी जमा-पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं।
जालसाजी का तरीका: कैसे शिकार बनाते हैं ये ठग
साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए बेहद शातिर और मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाए हैं:
-
भ्रामक डिजिटल पहचान: सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर ऐसी फर्जी वेबसाइटें और लिंक फैलाए जा रहे हैं, जो नामी संस्थानों की नकल कर बनाए गए हैं।
-
सीमित समय का दबाव: "सीटें फुल होने वाली हैं" या "आज ही आखिरी मौका है" जैसे दांव खेलकर माता-पिता को जल्दबाजी में बिना जांच के भुगतान करने पर मजबूर किया जाता है।
-
खतरनाक मोबाइल ऐप्स: रजिस्ट्रेशन की आड़ में परिजनों के फोन में संदिग्ध मोबाइल ऐप इंस्टॉल कराए जाते हैं। इनसे न केवल पैसे चोरी हो रहे हैं, बल्कि फोन का निजी डेटा भी लीक होने का खतरा बढ़ गया है।
-
पेमेंट के बाद संपर्क विच्छेद: जैसे ही अभिभावक फीस ट्रांसफर करते हैं, अपराधी तुरंत अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं या संबंधित व्यक्ति को ब्लॉक कर देते हैं।
जबलपुर में सामने आई धोखाधड़ी की घटनाएं
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से इस धोखाधड़ी की कई शिकायतें मिली हैं:
-
स्नेह नगर: यहाँ की एक महिला, पूजा ने अपने बेटे के लिए ऑनलाइन भाषा सीखने वाली क्लास सर्च की थी। ठगों ने उनसे 10 हजार रुपए ऐंठ लिए और पैसे मिलते ही अपना फोन बंद कर लिया।
-
विजय नगर: यहाँ एक अभिभावक ने एक मोबाइल ऐप के जरिए बच्चे की फीस भरी, लेकिन भुगतान होते ही न तो ऐप काम कर रहा है और न ही किसी से संपर्क हो पा रहा है।
पुलिस का परामर्श: सुरक्षित रहने के उपाय
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने अभिभावकों को सुरक्षित रहने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए हैं:
-
संस्थान की पुष्टि करें: किसी भी ऑनलाइन क्लास में दाखिला लेने से पहले उस संस्थान का भौतिक पता, पिछले रिकॉर्ड और यूजर्स के 'रिव्यू' जरूर चेक करें।
-
अज्ञात लिंक को कहें ना: व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात ऐप को फोन में जगह देने से बचें।
-
सुरक्षित गेटवे का प्रयोग: भुगतान के लिए केवल आधिकारिक और सुरक्षित पेमेंट गेटवे का ही इस्तेमाल करें। किसी के व्यक्तिगत बैंक खाते या संदिग्ध यूपीआई आईडी पर सीधे पैसे न भेजें।
-
तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप किसी संदिग्ध गतिविधि या ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाएं।
जूनागढ़ में बस पलटी, दो की मौत और 15 घायल; बड़ी दुर्घटना से हड़कंप
कपिल सिब्बल का बयान: मतगणना केंद्रों पर राज्य सरकार के कर्मचारी जरूरी
Mamata Banerjee का दावा: बंगाल में फिर बनेगी TMC सरकार
ईरान-यूएस तनाव के बीच फंसा सुपरटैंकर, रणनीतिक हलचल तेज
सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज