दवाओं और गहनों की गुणवत्ता की हो नियमित जांच-मंत्री
जयपुर । खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने सचिवालय में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आगामी समय में शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए ज्वेलरी की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू करें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अपनी आय को ज्वेलरी खरीदने में ज्यादा धन ख़र्च करते हैं।वो किसी भी प्रकार से ठगी के शिकार नहीं हो इसके लिए उन्हें जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही, निर्देश दिए कि दुकानदार द्वारा उपभोक्ता को दिये गए बिल पर हॉल मार्क की जानकारी अवश्य लिखी होनी चाहिये। सर्राफा बाजार में हॉल मार्क सेंटर की जानकारी क्यू आर कोड के माध्यम से दी जाए। अभी तक राज्य में कुल 20 जिलों में हॉलमार्क सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। श्री गोदारा ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्धन व संरक्षण के लिए एवं उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए इनका समयबद्ध रूप से निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। दुकानदारों द्वारा दिये जाने वाले बिल पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर अंकित किये जाए, सभी को यह जानकारी होनी चाहिये कि यदि आप उत्पाद से संतुष्ट नहीं है तो निर्धारित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। मानव जीवन से जुड़ी दवाइयों की विश्वसनियता बनाये रखने के लिए एवं पनीर, दूध एवं मावा की रेंडमली जांच करने के निर्देश दिए। बीमा क्लेम व रियल एस्टेट के प्रकरणों का निस्तारण भी शीघ्रता से किया जाए।उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए वीसी के माध्यम सुनवाई की व्यवस्था शुरू करने के बारे में कहा कि यह बुजुर्गों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। समय—समय पर उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए संभाग स्तर पर कार्यशालाएं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
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