धीरेंद्र शास्त्री का स्पष्ट संदेश: मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि वे मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं। वे केवल हिंदू समाज में व्याप्त जातिवाद को खत्म करने के लिए, देश में हिंदू राष्ट्र स्थापित करने और हिंदू समाज में एकता स्थापित करने के लिए दिल्ली से वृंदावन तक की पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसमें स्वामी रामदेव, अनिरुद्धाचार्य और रामभद्राचार्य सहित कई बड़े संत शामिल हैं। यह यात्रा सात नवंबर को दिल्ली के छतरपुर मंदिर से शुरू होगी और 16 नवंबर को वृंदावन में समाप्त होगी। उन्होंने आम लोगों को भी इसमें शामिल होने की अपील की है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हिंदू समाज का सबसे बड़ा दुश्मन जातिवाद है। जब तक हिंदू आपस में जातियों में उलझा और बंटा रहेगा, देश कभी हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की जातीय पहचान से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वे जातियों के नाम पर अहंकार पालने के खिलाफ हैं। यह अहंकार एक हिंदू को दूसरे हिंदू से दूर और अलग करता है, यह अहंकार समाप्त होना चाहिए। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी के खिलाफ नहीं है और राजनीति से इसका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। वे केवल हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल या संगठन अपने को हिंदू समझता है या हिंदुओं के लिए काम करता है, उसके सभी सदस्य इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा सहित सभी बड़े राजनीतिक दलों में इस यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
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