IND vs ENG: अहमदाबाद टेस्ट से पहले गौतम गंभीर के बड़े फैसले का खुलासा
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच के दौरान अहमदाबाद में 'अंग दान करें, जीवन बचाएं' जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा लेकिन शायद ही ये किसी को पता हो कि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर इस अभियान में पहले ही योगदान दे चुके हैं।
गंभीर जब क्रिकेट खेलते थे तभी उन्होंने एक संस्था को आंख, दिल, लीवर और किडनी जैसे जरूरी अंग दान देने का संकल्प लिया था। आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने बताया कि 12 फरवरी को अहमदाबाद में भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे वनडे के अवसर पर हम 'अंग दान करें, जीवन बचाएं' नामक जागरूकता अभियान शुरू कर रहे हैं।
लोगों को प्रेरित करना लक्ष्य
जय शाह ने कहा कि खेल में लोगों को प्रेरित करने, जोड़ने और मैदान से बाहर भी सकारात्मक प्रभाव डालने की ताकत होती है। इस पहल के माध्यम से हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे सबसे बड़ा उपहार देने की दिशा में एक कदम बढ़ाएं - जीवनदान। एक संकल्प, एक निर्णय, कई जिंदगियां बचा सकता है। आइए, हम सब मिलकर बदलाव लाने में योगदान दें।
गंभीर से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि भारतीय कोच के दिल के करीब यह अभियान है। जब वह भारतीय टीम के लिए खेलते थे तब ही उन्होंने एक संस्था को मृत्यु के बाद अपने जरूरी अंग दान देने का संकल्प लिया था।
क्लीन स्वीप पर नजरें
अहमदाबाद में टीम इंडिया की कोशिश तीसरा और आखिरी वनडे मैच जीतने और इंग्लैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप करने पर होंगी। भारत ने शुरुआती दो मैच जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर ली है। तीसरे मैच में भी कोच गौतम गंभीर चाहेंगे कि उनकी टीम जीत हासिल करे ताकि क्लीन स्वीप कर सके और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जरूरी आत्मविश्वास हासिल कर सके। तीसरे मैच में गौतम गंभीर अपनी बेंच को आजमा सकते हैं ताकि चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हर खिलाड़ी को परख सकें और बेस्ट संयोजन तलाश सकें।
भारत दौरे पर रूस के डिप्टी पीएम मंटुरोव, व्यापार, ऊर्जा और पश्चिम एशिया पर चर्चा
एमपी के 1.5 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, चौथी क्रमोन्नति मंजूर
Bengal Elections 2026: AIMIM ने जारी की 12 प्रत्याशियों की सूची, देखें किसे कहां से टिकट मिला
राघव चड्ढा का दावा: “मैं खामोश करवाया गया हूं, पर हारा नहीं हूं”
देसी और हाइब्रिड खीरे में क्या अंतर, कौन ज्यादा फायदेमंद