भूमि विवाद ने पकड़ा हिंसक रूप, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
बालोतरा। जिले के पाटोदी क्षेत्र के मेडिवासन गांव में जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार को अचानक एक बड़ी हिंसक वारदात में बदल गया। दिनदहाड़े कई लक्जरी गाड़ियों और बसों में भरकर आए दर्जनों लोगों ने एक रिहायशी मकान को जेसीबी (JCB) मशीन से जमींदोज करने की कोशिश की। इस अचानक हुए हमले से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना के दौरान मौके पर जमकर पथराव, मारपीट और हंगामा हुआ, जिससे गांव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
लक्जरी गाड़ियों और JCB के साथ पहुंचे थे 50 से अधिक हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से खींचतान चल रही थी। शनिवार को अचानक माहौल उस समय बिगड़ गया जब थार, फॉर्च्यूनर जैसी महँगी गाड़ियों और बसों में सवार होकर करीब 50 से ज्यादा लोग सुनियोजित तरीके से मेडिवासन गांव पहुंचे। हमलावर अपने साथ मजदूर और एक जेसीबी मशीन भी लेकर आए थे। गांव में घुसते ही उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए विवादित मकान को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे घर के अंदर मौजूद परिवार में दहशत फैल गई।
बंधक बनाकर मारपीट और महिलाओं से अभद्रता का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब उन्होंने इस अवैध तोड़फोड़ का विरोध करने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और घर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान घर की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी और अभद्रता की गई। पीड़ित परिवार ने बताया कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका मकसद मकान को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 12 हिरासत में, गाड़ियां जब्त
घटना की सूचना मिलते ही पचपदरा डीएसपी विकास कुमार और थाना प्रभारी गीता चौधरी भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंडली और गिड़ा थाने से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलवाया गया। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और मौके से एक जेसीबी मशीन और एक बस को जब्त कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे सघन पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिले भर में नाकाबंदी भी कराई गई है।
न्यायालय के स्टे के बावजूद कब्जे का प्रयास, गांव में पुलिस तैनात
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार रुस्तम खान ने साफ किया कि जिस जमीन को लेकर यह पूरा बवाल हुआ है, उसका मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है। इस जमीन पर कमिश्नर कार्यालय और 8 एए कोर्ट का स्टे (स्थगन आदेश) लागू है। इसके बावजूद कानून को हाथ में लेकर जबरन कब्जे की कोशिश की गई। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
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