खान विभाग बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की रणनीति बनाने में जुटा
जयपुर । खान विभाग बजट घोषणाओं की समयवद्ध क्रियान्वयन की रणनीति बनाने में जुट गया है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने विभाग को बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में एक्टिव मोड़ पर लाते हुए आवश्यक प्रस्ताव व कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। जयपुर में एक्सीलेंस सेंटर, उदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस और जोधपुर में एमबीएम यूनिवर्सिटी में पेट्रो केम्पस की स्थापना के साथ ही राजस्थान मिनरल एक्सप्लोरेशन लि. के गठन की घोषणा से माइंस सेक्टर को नई दिशा, एक्सप्लोरेशन को गति और नई पीढ़ी को खनन क्षेत्र के नवीनतम शोध-अध्ययन से रुबरु होने का अवसर मिलेगा। टी. रविकान्त ने सचिवालय में एमडी आरएसएमएम भगवती प्रसाद कलाल, निदेशक माइंस, दीपक तंवर, संयुक्त निदेशक माइंस, श्रीमती आशु चौधरी व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअली बैठक में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टी. रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश में माइंस सेक्टर के सभी पहलुओं का समावेश करते हुए बजट घोषणाएं की गई है और इससे प्रदेश में खनिज खोज-खनन, शोध एवं विकास, युवाओं को खनन क्षेत्र में विशेषज्ञता अध्ययन सहित नए कार्यों को नई दिशा मिलेगी व प्रदेश में खनन क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन, निवेश, राजस्व व रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। टी. रविकान्त ने बताया कि बजट घोषणाओं को तीन भागों में विभाजित करते हुए रोडमेप बनाया जा रहा है। पहली र्श्रेणी में वे घोषणाएं हैं जिनके क्रियान्वयन में वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और विभागीय स्तर पर ही परीक्षण कर प्रशासनिक व विधिक आदेश जारी किए जा सकेंगे। दूसरी र्श्रणी की घोषणाएं लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार तो नहीं पड़ेगा पर वित्त व कार्मिक आदि अन्य विभागों से सहमति ली जानी है। तीसरी श्रेणी में वे घोषणाएं हैं जिनको लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार पड़ेगा। टी. रविकान्त ने कहा कि तीनों श्रेणी की घोषणाओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही तत्काल शुरु कर दी जाए।
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